HKRN News : हरियाणा में कौशल रोजगार निगम (HKRN) के तहत 5 साल से कम अनुभव वाले कर्मचारियों की नौकरी पर एक बार फिर से खतरा मंडराता दिखाई दे रहा है। सरकार की नौकरी से जॉब सिक्योरिटी का वादा किए जाने के बावजूद रोहतक में सिंचाई विभाग में HKRN के तहत कार्य कररहे 10 कर्मचारियों को हटाने के निर्देश भी जारी हो चुके हैं। इनमें 8 कर्मचारी क्लास-सी और 2 कर्मचारी ग्रुप-डी के हैं। सोशल मीडिया पर इन्हें हटाने संबंधी लेटर भी खूब वायरल हो रहा है। कर्मियों को यह कहकर हटाया जा रहा है कि उनकी सर्विस 5 साल से कम है। हरियाणा सरकार ने HKRN कर्मियों की नौकरी को सेवा सुरक्षा गारंटी के तहत सुरक्षा देने की घोषणा की है। हालांकि इसमें 5 साल का सेवा अनुभव पूरा करने की शर्त है। इसकी नोटिफिकेशन जारी हो चुकी है।
कर्मचारियों में खलबली
प्रदेश में 3 लेवल पर करीब 1.20 लाख कर्मी HKRN के तहत लगे हुए हैं। हालांकि यह आंकड़ा सार्वजनिक नहीं है कि इनमें से 5 साल से कम अनुभव वाले कितने हैं। इसी बीच, 5 साल से कम अनुभव वाले कर्मियों को हटाने का रोहतक में निर्देश जारी होने के बाद कर्मचारियों में खलबली मच गई है।
10 कर्मी निकालने का लेटर वायरल
19 अगस्त को रोहतक में सिंचाई विभाग XEN के हस्ताक्षर वाला लेटर सामने आया, जिसमें लिखा गया कि HKRN और आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-2 के तहत लगे निम्न कर्मियों को सर्विस से रिलीव किया जाता है। इसमें फर्स्ट इन-फर्स्ट आउट प्रिंसिपल को फॉलो किया गया है। HKRN के तहत लगे जिन कर्मचारियों को 5 साल से कम समय हुआ है, उन्हें हटाया गया है। उनमें ड्राइवर, इलेक्ट्रिशियन, प्लम्बर कम पंप ऑपरेटर, टेलीफोन ऑपरेटर, कारपेंटर, फील्डमैन, स्वीपर कम चौकीदार शामिल हैं।

वैकेंट पोस्टों पर लगे थे
रोहतक सिंचाई विभाग के XEN राजेश भारद्वाज ने कर्मी हटाने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि उन 10 कर्मचारियों को हटाने के निर्देश दिए हैं, जिन्हें नौकरी करते हुए 5 साल से कम समय हुआ है। इन्हें वैकेंट पोस्ट पर लगाया गया था, जिन पर पक्के कर्मचारी आ गए हैं। सरकार जैसे आदेश करेगी, वैसे ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मनोहर लाल ने किया था HKRN का गठन
हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल ने एक नवंबर 2021 को HKRN के गठन की घोषणा की। तब दावा किया गया कि इससे ठेका प्रथा व आउटसोर्सिंग खत्म करके पारदर्शी सिस्टम बनेगा। इसके तहत 3 लेवल पर कर्मियों का वर्गीकरण किया गया। साल 2024 के विधानसभा चुनाव में HKRN के तहत लगे कर्मियों की सेवा सुरक्षा की गारंटी चुनावी मुद्दा बना।
अध्यादेश के जरिए दी गई नौकरी की सुरक्षा
18 नवंबर 2024 को हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में सरकार ने हरियाणा संविदात्मक कर्मचारी (सेवा की सुनिश्चितता) विधेयक, 2024 को पारित करवाया, जिसके तहत लगभग 1.20 लाख अनुबंधित कर्मचारियों को नौकरी की सुरक्षा प्रदान की गई है। सीएम नायब सैनी ने कहा कि ये कर्मचारी रिटायरमेंट आयु तक अपनी सेवाओं में रह सकते हैं। HKRN में लगे किसी भी कर्मचारी को हटाया नहीं जाएगा, बल्कि उन्हें दूसरे विभागों में समायोजित कर दिया जाएगा।
हुआ था कर्मियों को हटाने का लेटर वायरल
बता दें कि बीती 22 जुलाई को एक लेटर वायरल हुआ था, जिसमें 5 साल से कम अनुभव वाले कर्मचारियों को हटाने के बारे में कहा गया था। ये लेटर एकदम सरकारी पत्र या नोटिंग की तर्ज पर था। इस लेटर में मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी के हस्ताक्षर दर्शाए थे। इसमें कहा गया था कि 5 वर्ष से कम सेवा वाले कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त की जाएं और उनकी जगह नियमित नियुक्ति करवाई जाए।
विपक्ष के मुद्दा बनाने पर सरकार ने दी थी सफाई
विपक्ष के नेताओं ने जुलाई में वायरल हुए लेटर को लेकर मुद्दा उठाया। पूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए। वहीं जेजेपी के नेता दिग्विजय चौटाला कहा कि हम तो पहले से ही कह रहे थे कि ये सरकार नौकरी देना तो दूर छीनने में लगी है। मुद्दा बनता देख तुरंत सरकार की तरफ से पक्ष आया। सरकार ने तुरंत इस लेटर को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि ऐसा कोई निर्णय नहीं लिया गया और इस तरह की कोई योजना नहीं बनाई गई है।




