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सोनम वांगचुक के NGO SECMOL का FCRA लाइसेंस रद्द: लेह हिंसा के बाद केंद्र की सख्त कार्रवाई

लेह, 25 सितंबर 2025: केंद्र सरकार ने प्रसिद्ध पर्यावरण कार्यकर्ता और शिक्षाविद सोनम वांगचुक के एनजीओ SECMOL (Student’s Educational and Cultural Movement of Ladakh) का एफसीआरए (FCRA) रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। यह कदम लेह में हाल ही में हुई हिंसा और एफसीआरए कानूनों के कथित उल्लंघन के बाद उठाया गया है।

गृह मंत्रालय की विस्तृत जांच में SECMOL द्वारा विदेशी चंदे के उपयोग और खुलासे में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। मंत्रालय ने बताया कि संस्था ने एफसीआरए एक्ट की धाराओं 8(1)(a), 17, 18 और 19 का कई बार उल्लंघन किया है। अब संस्था विदेशी फंडिंग प्राप्त नहीं कर पाएगी और उसे केवल स्थानीय स्रोतों से ही आर्थिक सहायता लेनी होगी।

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क्या हैं आरोप?

  • 3.35 लाख रुपये को पहले विदेशी दान बताया गया, बाद में कहा गया कि यह पुरानी बस बेचने से मिली रकम है। यह रकम एफसीआरए खाते में नहीं दिखाई गई।

  • साल 2020-21 में 54,600 स्थानीय दान गलती से एफसीआरए खाते में चला गया। संस्था ने कहा यह भारतीय वॉलंटियर्स से लिया गया था।

  • एक विदेशी संस्था से 4.93 लाख रुपये मिले, पर कोविड-19 के कारण कार्यक्रम नहीं हुआ और पैसे लौटा दिए गए। मंत्रालय के मुताबिक, एफसीआरए कानून में फंड वापस करने का कोई प्रावधान नहीं है।

  • संस्था ने स्टाफ की सैलरी से 79,200 काटकर “फूड फीस” बताया, जिसे मंत्रालय ने गलत और अपारदर्शी माना।


वांगचुक की बढ़ सकती हैं मुश्किलें

सूत्रों के अनुसार, अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) भी वांगचुक की संस्था SECMOL के खिलाफ FEMA (Foreign Exchange Management Act) के तहत जांच शुरू कर सकता है। इससे वांगचुक की कानूनी परेशानियां और बढ़ सकती हैं।

लेह हिंसा और अनशन का संबंध

यह पूरा मामला उस वक्त तूल पकड़ा जब लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर सोनम वांगचुक ने 10 सितंबर से भूख हड़ताल शुरू की थी। उनके समर्थन में छात्रों का आंदोलन तेज हुआ और झड़प के दौरान हुई हिंसा में 4 लोगों की मौत और 70 से अधिक घायल हो गए। हिंसा के बाद वांगचुक ने अनशन तोड़ दिया।

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