चंडीगढ़ : हिसार के 12 क्वार्टर एरिया के डीजे (DJ) विवाद में पुलिस कर्मियों पर हत्या का केस दर्ज करने के खिलाफ सामाजिक संगठनों ने इकट्ठे होकर प्रदर्शन किया। इस मामले को लेकर हरियाणा पुलिस संगठन और कई जन संगठनों के सदस्यों ने शहर में क्रांतिमान पार्क से लघु सचिवालय तक प्रदर्शन किया गया।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस तरह से पुलिस कर्मियों को प्रताड़ना का शिकार बनाना बंद किया जाए। पुलिस कर्मियों पर दर्ज किए गए झूठे केस को वापस लिया जाए। रिटायर्ड पुलिस कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष महेंद्र सिंह स्याहड़वा ने कहा कि हिसार में पुलिस कर्मियों पर झूठा केस दर्ज किया गया है, जिन लोगों ने पुलिस कर्मियों पर बरछे से हमला कर हत्या का प्रयास किया उन लोगों की शिकायत पर पुलिस पर ही केस दर्ज किया जा रहा है। राजनीतिक कारणों के चलते इस तरह के फैसले लिए गए। इस फैसले से पुलिस में जबरदस्त आक्रोश है, जिन पुलिस कर्मियों को बहादुरी से डयूटी के लिए सम्मानित किया जाना चाहिए उन पर हत्या का केस दर्ज किया जा रहा है, जिन लोगों ने पुलिस पर हमला किया उसमें कई हिस्ट्रीशीटर हैं। जिन पर 15-15 केस दर्ज हैं। पुलिस पर हमला किए जाने के सीसीटीवी फुटेज भी हैं। इसके बाद भी पुलिस कर्मियों पर केस दर्ज किया गया।
कर्मचारियों और जनसंगठनों का आक्रोश
प्रदर्शन में शामिल विभिन्न संगठनों के सदस्यों ने आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों पर इस तरह का केस दर्ज करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने मांग की कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ दर्ज किए गए मुकदमे को तुरंत रद्द किया जाए और उन आपराधिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए जिन्होंने ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों पर हमला किया था। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।
निर्दोष पर आंच नहीं आने देंगे
मामले में सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री कृष्ण बेदी ने कहा कि मामले की जांच करवाई जाएगी। परिवार और पुलिस कर्मी जहां चाहे, वहां जांच करवा सकते हैं। मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और किसी निर्दोष पर आंच नहीं आने देंगे। यदि किसी ने पुलिस पर हमला किया है तो उसे सजा मिलेगी और यदि पुलिस कर्मी के कारण किसी की जान गई है तो उसकी भी जांच होगी। पुलिस का मनोबल बना रहे। इसकी चिंता मुख्यमंत्री और उन्हें भी है।
यह था मामला
बीती 7 जुलाई को हिसार के बारह क्वार्टर एरिया में गली में म्यूजिक सिस्टम रख कर पार्टी की जा रही थी, जिसको बंद कराने पहुंचे पुलिस कर्मियों के साथ कुछ लोगों ने मारपीट की। बाद में बड़ी संख्या में पहुंची पुलिस ने हमलावरों को खदेड़ा तो भगदड़ में दो युवक छत से कूद गए, जिसमें एक की मौत हो गई तथा दूसरा घायल हो गया। युवक के परिजनों ने पुलिस पर लाठी मार कर छत से गिरा कर हत्या करने का आरोप लगाया। परिजनों के समर्थन में अनुसूचित जाति संगठनों के सदस्य भी आए। नागरिक अस्पताल में 10 दिन तक धरना दिया। सामाजिक न्याय अधिकारिता मंत्री की अध्यक्षता में परिजन सीएम से मिले, जिसके बाद पुलिस कर्मियों पर हत्या, छेड़छाड़ सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया।




