Yamuna River Flood : एक और जहां प्रकृति बारिश के रूप में मैदानी इलाकों में अपना कहर दिखा रही है। वहीं, बादल फटने की घटनाओं से पहाड़ी इलाकों के लोग भी सहमे हुए हैं। ऐसे में लगातार हो रही बारिश से अब नदियों के जल स्तर में भी लगातार बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। पहाड़ों पर हो रही बारिश से अब हरियाणा की नदियां भी उफान पर आ गई हैं। मानसून के इस सीजन में पहली बार हथनीकुंड बैराज पर यमुना नदी का जल स्तर एक लाख क्यूसिक के पार हो गया है। इसके चलते हथनीकुंड बैराज से पूर्वी और पश्चिमी यमुना नहरों की पानी सप्लाई को रोककर बैराज के सभी फ्लड गेट खोल दिए गए और पानी को दिल्ली की ओर रवाना कर दिया।
72 घंटे में दिल्ली पहुंचेगा पानी
हथनीकुंड बैराज से अब सारा पानी यमुना नदी में ही छोड़ा जा रहा है। यह पानी 72 घंटे में दिल्ली में मार करेगा। रविवार दोपहर 1 बजे तक बैराज पर पानी का स्तर 1,16,686 क्यूसिक दर्ज हुआ। बैराज पर नदी का जलस्तर एक लाख क्यूसिक होते ही चेतावनी सायरन बचा दिया गया। इसके बाद केंद्रीय जल आयोग की टीम ने दिल्ली को अलर्ट कर दिया है। अब हर एक घंटे पर जलस्तर की सूचना अपडेट की जाएगी। चंडीगढ़ स्थित कंट्रोल रूम को भी लगातार अपडेट किया जाएगा।
सहायक नदियां भी उफान पर
लगातार हो रही के कारण यमुना नदी ही नहीं, बल्कि उसकी सहायक सोम और पथराला नदियां भी उफान पर बह रही है। यमुनानगर जिले से गुजर रही पथराला नदी का पानी कई घरों में घुस गया। इसके साथ ही सोमनदी का पानी भी पुल के ऊपर से बह रहा है। इसके साथ ही पानीवाला गांव के पास सोम नदी का बांध टूट गया, जिससे पानी साढ़ौरा की तरफ बढ़ रहा है।
नहरों में पानी रोका
यमुना नदी से यूपी और हरियाणा को पानी की सप्लाई देने वाली दोनों पूर्वी व पश्चिमी नहरों में पानी की आपूर्ति रोक दी गई है। अब सारा पानी यमुना नदी में छोड़ा जा रहा है। यमुना नदी पर आधारित पनबिजली इकाइयों को बंद कर दिया गया है। ताजेवाला, भूड़कलां, नैनांवाली व बेगमपुर में कुल 64.4 मैगावाट बिजली उत्पादन की चार ईकाइयां हैं।
पहाड़ों से और पानी आने के आसार
पहाड़ों पर यमुना नदी के कैचमेंट एरिया में मूसलाधार बरसात की वजह से यमुना का जलस्तर बढ़ा है। यमुना की सहायक नदियां टोंस व गिरी नदी से दोपहर बाद तक और पानी आने के आसार हैं। अभी कैंचमेंट एरिया पांवटा साहिब, नाहन व रेणुकाजी में तेज बरसात का पानी पहुंचा है। इसी वजह से सोम नदी भी उफान पर है। सोम भी आगे यमुना नदी में मिलती है। ऐसे में आने वाले समय में यमुना नदी के जल स्तर में और बढ़ोतरी हो सकती है।
यह है बाढ़ का जल स्तर
हथनीकुंड बैराज पर यमुना नदी में बाढ़ का न्यूनतम जल स्तर 70 हजार क्यूसिक है। इसके बाद 1.50 लाख क्यूसिक पर मध्यम फ्लड और 2.50 क्यूसिक या उससे अधिक पानी होने पर हाई फ्लड घोषित किया जाता है। यह पानी हरियाणा के यमुना नदी के साथ लगते इलाकों के अलावा राजधानी दिल्ली के साथ उत्तर प्रदेश के भी कुछ हिस्सों में अपना असर दिखाता है। दिल्ली से गुजरने के बाद यमुना नदी फरीदाबाद और पलवल जैसे शहरों में भी अपना असर दिखाती है।
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