चंडीगढ़ : हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज की अथक मेहनत के चलते उनके ड्रीम प्रोजेक्ट में शामिल रहा अंबाला का सिविल अस्पताल भले ही पिछले काफी समय से अपना काम कर रहा है, लेकिन अनिल विज लगातार उसमें कुछ ना कुछ नया करने की कोशिश में लगे रहते हैं, जिससे आम जनता को अस्पताल का अधिक से अधिक मिल सके और वह हर बीमारी का अपने घर के नजदीक ही आसानी से इलाज करवा सके। विज की कोशिशों के कारण से अंबाला छावनी के सिविल अस्पताल में अब 100 बिस्तर की एक अन्य बिल्डिंग का निर्माण कार्य फिर से शुरू किया गया है। अत्याधुनिक चिकित्सीय सुविधाओं से लैस होने वाली इस बिल्डिंग को क्रिटिकल केयर यूनिट (CCU) की तर्ज पर बनाया जाएगा और यहां मरीजों को बेहतरीन उपचार मिलेगा। इस 100 बिस्तर के भवन के निर्माण होने से अंबाला छावनी सिविल अस्पताल की क्षमता दोगुनी अर्थात 200 बिस्तर की हो जाएगी। इसके अलावा, उन्होंने बताया कि इस नए भवन का डिजाइन इस प्रकार से तैयार किया गया है कि सामान्य मरीजों को संक्रमण का खतरा न उठाना पडें।
इसलिए रुका था काम

अनिल विज ने बताया कि पहले भवन के निर्माण का केस माननीय हाईकोर्ट में होने की वजह से रूक गया था जिसके बाद ऑबिर्टेशन में जाने पर दोबारा से निर्माण कार्य के अब टेंडर हुए हैं। अब 14.79 करोड़ रुपए की लागत से भवन का शेष निर्माण कार्य जल्द पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि 100 बिस्तर के नए भवन बनने से सिविल अस्पताल की क्षमता 200 बिस्तर की हो जाएगी। इससे अस्पताल आने वाले मरीजों व उनके तीमारदारों को काफी फायदा होगा। मौजूदा समय में सिविल अस्पताल में 100 बिस्तर की ही सुविधा है, लेकिन लगातार बढ़ रही मरीजों की संख्या के कारण अस्पताल में बिस्तर की कमी महसूस होने लगी थी इसीलिए नए भवन का निर्माण किया जा रहा है।
नए भवन में उपलब्ध होंगी यह सुविधाएं

दो बेसमेंट फ्लोर – नई बिल्डिंग में कुल सात फ्लोर होंगे, जिनमें दो बेसमेंट फ्लोर होंगे, इसमें एक फ्लोर पर वाहनों की पार्किंग होगी, जबकि दूसरे फ्लोर पर एसी प्लांट व गैस प्लांट लगाया जाएगा।
ग्राउंड फ्लोर – ग्राउंड फ्लोर में रजिस्ट्रेशन-कम-रिसेप्शन सेंटर, इमरजेंसी सर्विस उपलब्ध होगी, शौचालय व अन्य सुविधाएं होगी।
पहला फ्लोर– पहले फ्लोर पर एमरजेंसी वार्ड होंगे, जिनमें 28 बेड होंगे।
दूसरा फ्लोर – दूसरे फ्लोर पर इनफेक्टिव आईसीयू (इनटेंसिव केयर यूनिट)।
तीसरा फ्लोर – तीसरे फ्लोर पर इनफेक्टिव ओटी, सुपर स्पेशलिस्ट ओटी तथा वार्ड होंगे।
चौथा फ्लोर – चौथे फ्लोर पर इनफेक्टिव ओटी, इनफेक्टिव ओटी, सुपर स्पेशलिस्ट ओटी तथा वार्ड होंगे तथा जीवन रक्षक साबित होगी क्रिटिकल केयर यूनिट (सीसीयू)।
शारीरिक संकेतों पर रखी जाएगी नजर

उल्लेखनीय है कि 100 बेड बिल्डिंग को क्रिटिकल केयर यूनिट की तरह तैयार किया जा रहा है जहां गंभीर या आपात समय में मरीजों को बेहतर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध होगी। क्रिटिकल केयर में मरीज की हालत की लगातार निगरानी के लिए आवश्यक उपकरण, जरूरी दवाओं की व्यवस्था और मरीज की स्थिति के आधार पर चिकित्सीय निर्णय लेना शामिल होता है।
क्रिटिकल केयर यूनिट में दिल की धड़कनों, रक्तचाप, और अन्य महत्वपूर्ण शारीरिक संकेतों पर कड़ी नजर रखी जाती है। इससे डॉक्टर तुरंत किसी भी असामान्य लक्षण को पहचान कर त्वरित इलाज कर सकते हैं। सीसीयू में ऑक्सीजन सपोर्ट, दवाओं का इस्तेमाल, इमरजेंसी प्रोसीजर, पोस्ट-केयर व रिकवरी आदि सुविधा रहती है। सीसीयू में कोरोना व अन्य बीमारियों के लिए भी अलग से चिकित्सीय सुविधा होती है, इनके भी अलग वार्ड होंगे। बिल्डिंग इस प्रकार डिजाइन होगी कि सामान्य मरीजों को इन्फेक्शन का खतरा न उठाना पड़े।
विज भी खुद भी करवाते हैं इलाज

स्वास्थ्य मंत्री रहते हुए अंबाला विधानसभा और आसपास के इलाका वासियों के लिए बनवाए गए इस सिविल अस्पताल की कार्यप्रणाली और गुणवत्ता की जांच करवाने के लिए अनिल विज खुद भी समय-समय पर इसी अस्पताल में अपना परीक्षण और इलाज करवाने के लिए आते हैं। कईं बार इलाज करवाने के समय विज को अस्पताल में कुछ खामियां भी मिली, जिन्हें लेकर वह अकसर अस्पताल के स्टाफ को भी फटकार लगा चुके हैं। अनिल विज का मकसद साफ है कि जिस सोच के साथ अपने इलाका वासियों और अन्य लोगों के इलाज के लिए उन्होंने इस अस्पताल का निर्माण करवाया है, वह सही मायने में सच साबित हो।




