Ganesh Visarjan 2025: हरियाणा, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र समेत पूरे देश में 26 और 27 अगस्त को गणेश चतुर्थी के मौके पर भक्तों ने बड़े धूमधाम और भव्यता के साथ गणपति बप्पा का स्वागत करते हुए उनकी स्थापना की। विघ्नहर्ता, बुद्धि के देवता और स्मृद्धि के दाता के रूप में पूजे जाने वाले भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाने वाली गणेश चतुर्थी के मौके पर उनकी स्थापना के बाद देशभर में गणेश उत्सव की धूम है।

10 दिन तक बप्पा की पूजा अर्चना करने के बाद भक्त अनंत चतुदर्शी के मौके पर उनका विसर्जन करते हैं। हालांकि इस साल 6 सितंबर को गणपति उत्सव का समापन होगा, लेकिन कईं राज्यों में अभी से गणपति विसर्जन की शुरूआत हो चुकी है।

कई भक्तों ने पारंपरिक पांचवें, सातवें या दसवें दिन का इंतजार करने के बजाय दूसरे दिन से ही गणपति विसर्जन करना शुरू कर दिया है।

राजधानी दिल्ली से सटे उत्तर प्रदेश के नोएडा में श्रद्धालु यमुना नदी के किनारे एकत्र हुए और दूसरे दिन से ही गणेश जी के विसर्जन की शुरुआत की।

इसी प्रकार से कईं शहरों में भक्तों ने ‘शोभा यात्रा’ निकालते हुए बप्पा को श्रद्धा के साथ विदाई दी।मुंबई में तो गणपति की प्रतिमाओं के साथ फूलों की पंखुड़ियां बहती नज़र आईं। कईं भक्तों ने कृत्रिम तालाब में गणपति की प्रतिमा विसर्जित की। यह दृश्य भक्ति और उत्सव का अद्भुत चित्र प्रस्तुत कर रहा था।




