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Haryana Day Special : ‘हरि’ की भूमि हरियाणा के ‘नायाब’ हरियाणा बनने का सफर !

Haryana Day Special : ‘हरि’ की भूमि के नाम से देश के साथ पूरे विश्व में विख्यात ‘म्हारा हरियाणा’ आज वृदधा सम्मान भत्ता ले रहे इंसानों की आयु के करीब यानि 59 वर्ष का हो गया है। दो शब्द यानि ‘हरि’ और ‘आना’ के मेल से बना हरियाणा का अर्थ है कि भगवान का आना या आगमन होना। पूरे विश्व को विदित है कि Haryana के Kurukshetra में Mahabharata का युद्ध लड़ा गया, जिसमें खुद हरि (भगवान श्रीकृष्ण) आए थे। महाभारत युद्ध के दौरान ही Lord Krishna ने Arjuna को Teachings of the Gita दिया, जिस कारण हरियाणा को Birthplace of the Gita भी कहा जाता है। आज से ठीक 59 वर्ष पूर्व यानि एक नवंबर 1966 को Punjab से अलग होकर हरियाणा का गठन किया गया था।

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59 वर्ष की इस अवधि के दौरान हरियाणा ने राजनीतिक, आर्थिक और सामाजिक रूप के कईं उतार-चढ़ाव देखे। इस दौरान हरियाणा में कईं प्रकार के बदलाव भी हुए। आज हरियाणा भारत का ऐसा राज्य बन गया है जहां के लोग अलग-अलग क्षेत्र में भारत के साथ विदेश में अपने प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।

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HARYANA DAY Special

आज चाहे युद्ध क्षेत्र हो या खेल का मैदान, हरियाणा ने सदैव भारत का गौरव बढ़ाने का काम किया है। हरियाणा के शौर्य, संस्कृति और प्रतिभावान खिलाड़ियों पर पूरे देश को अभिमान है। हरियाणा ने हमेशा ही कृषि और रक्षा जैसे बड़े क्षेत्रों में देश को महत्वपूर्ण योगदान दिया है। म्हारे युवा इनोवेशन की दुनिया में भी अपना परचम लहरा रहे हैं। “वीर जवानों और कर्मठ किसानों की धरा के कारण ही हरियाणा को वीरभूमि भी कहा जाता है।

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59 वर्ष के दौरान हरियाणा में हुए बदलाव की कहानी की शुरूआत करन तै पहला सबनै राम-राम, प्रदेश मै म्हारे हरि का नाम, पगड़ी बढ़ाती म्हारी शान, दामण-चुंदड़ी का सै म्हारा परिधान, देश की रखवाली करते म्हारे वीर-जवान, लहलहाती फसलां मै म्हारे किसानां की पहचान, सबतै ज़्यादा मेडल लेकै आवैं म्हारे धाकड़ पहलवान, दादा लख्मी चंद बरगै कलाकार सै म्हारा मान, गीता उपदेश स्थली हरियाणा की धरती म्हारे देश का अभिमान, इन छोटे से शब्दों से वैसे तो आप हरियाणा के बारे में जान ही चुके होंगे, लेकिन चलिए अब आपकों म्हारे हरियाणा की पूरी कहानी विस्तार से बताते हैं…।

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प्रदेश के इतिहास पर गौर करें तो हरियाणा 1 नवंबर 1966 को अस्तित्व में आया था। कांग्रेस के भगवत दयाल शर्मा पहले मुख्यमंत्री बने। यह वह समय था, जब हरियाणा के पास विरासत में केवल कीकर और रेतीले- बंजर इलाके थे। बुनियादी सुविधाएं न के बराबर थीं। विकास की बुनियाद की तरफ हरियाणा आगे बढ़ा। सियासी करवटें भी इसी हिसाब से बनती-बदलती रहीं। इसी दौरान यह छोटा सा सूबा अपने राजनीतिक घटनाक्रमों के कारण सुर्खियों में भी रहा।

हर क्षेत्र में बनाया कीर्तिमान

कभी हरियाणा की पहचान रेतीले और कीकर के जंगल तक सीमित थी। हरियाणा के युवा हर क्षेत्र में चाहे वह खेल हो, राजनीति या फिर अंतरिक्ष हर क्षेत्र में कीर्तिमान स्थापित कर चुके हैं। 22 जिलों वाले इस राज्य ने खेलों में अलग पहचान बनाई है।

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कुश्ती, मुक्केबाजी, हॉकी और निशानीबाजी जैसे खेलों में यहां के खिलाड़ियों का कब्जा है। योगेश्वर दत्त, सुशील कुमार, संदीप सिंह, बबीता फोगाट जैसे दिग्गज खिलाड़ी इंटरनेशनल लेवल पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब रहे हैं। भारत की पहली महिला अंतरिक्षयात्री कल्पना चावला भी हरियाणा की धरती पर ही पैदा हुई थीं।

राजनीति रही चर्चा का विषय

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हरियाणा की राजनीति हमेशा से ही चर्चा का विषय रही है। किसानों और गरीबों के बीच लोकप्रिय रहे स्वर्गीय देवीलाल की राजनीति पूरे देश की नजरों में रही। आया-राम, गया-राम के रूप में दलबदल की राजनीति के लिए भी हरियाणा पूरे देश में पहचाना गया। इसका जनक पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल को माना जाता है और ठीक उसी तरह सख्त प्रशासन के लिए स्व. बंसीलाल और चौधरी ओम प्रकाश चौटाला के नाम प्रमुखता से लिए जाते हैं। कुल मिलाकर हरियाणा लंबे समय तक ‘लालों’ की राजनीति में रंगा रहा। बीच में भूपेंद्र सिंह हुड्डा सरकार के 10 साल से लाल युग एक तरह से खत्म हो गया था, लेकिन 2014 में मनोहर लाल ने बीजेपी की कमान संभालकर लाल युग की वापसी भी करा दी।

कल्पना के विपरीत बदलाव ने दी नई दिशा

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1966 से 2014 तक के सफर के दौरान हरियाणा में भूगौलिक और विकासात्मक रूप से कईं बदलाव हुए, लेकिन 2014 के बाद हरियाणा ने जो बदलाव देखें, उसके बारे में किसी ने कभी सोचा भी नहीं था। 2014 में पहली बार अकेले अपने दम पर 47 विधायक लेकर हरियाणा की सत्ता में अकेले काबिज हुई भाजपा की कमान राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्य़कर्ता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के करीबियों में शामिल मनोहर लाल के सौंपी गई। सत्ता की कमान संभालने के बाद मनोहर लाल ने किसी राजनेता की बजाए एक आम हरियाणवीं बनकर प्रदेश को नई दिशा प्रदान करने का काम किया, जिसके बाद से प्रदेश की दशा बदलने लगी।

हरियाणा एक-हरियाणवीं एक से बदला हरियाणा !

2014 में मनोहर लाल ने जब हरियाणा की सत्ता संभाली, उस दौरान यह सूबा जातिगत राजनीति में बंटा हुआ था। जाति के साथ ही क्षेत्रवाद और राजनेताओं के आपसी मनमुटाव के चलते विकास केवल कुछ ही इलाकों तक सीमित होकर रह गया था। हरियाणा को इससे छुटकारा दिलाने के लिए मनोहर लाल ने हरियाणा एक-हरियाणवीं एक का नारा दिया। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश में फैले भ्रष्टाचार से भी हरियाणा को छुटाकारा दिलाने की ठानी। इसके लिए उन्होंने सबसे पहले अपने कार्यक्रमों में अधिकारियों और आम जनता को भ्रष्टाचार के साथ लड़ने की शपथ दिलाने से शुरूआत की।

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दलालों के चंगुल में फंसे हरियाण के सरकारी विभागों को उनके चंगुल से निकालने के लिए मनोहर लाल ने ही सरकारी कार्यों को करवाने के लिए पोर्टल की शुरूआत की। शुरूआत में विपक्ष ने इसे लेकर काफी हल्ला मचाया। आम जनता को भी पोर्टल के बारे में समझ नहीं आया, लेकिन आज पोर्टल के कारण ही लोग घर बैठे बिना किसी सरकारी दफ्तर के चक्कर लगाए अपने कामों को आसानी से करवा रहे हैं। मनोहर लाल ने अपने कार्यकाल के दौरान हर जिले में महिला द्वारा संचालित पुलिस थाना बनाना और लगभग 500 महिला कांस्टेबलों की भर्ती की। उन्होंने हर समय नामक एक 24×7 पोर्टल भी शुरू किया जिसके माध्यम से कोई भी व्यक्ति ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकता है।

गुरु से भी आगे निकल गया चेला !

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हरियाणा के मौजूदा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल का शिष्य कहा जाता है। इसके कईं प्रमाण भी सामने आए हैं। इतना ही नहीं खुद मुख्यमंत्री सैनी भी इस बात को स्वीकार कर चुके हैं। एक काबिल शिष्य होने के साथ नायब सिंह सैनी मुख्यमंत्री पद ग्रहण करने के बाद से हरियाणवीं होने का फर्ज भी बखूबी निभा रहे हैं। मनोहर लाल के अधूरे छोड़े कार्यों को पूरा करने के साथ नायब सिंह सैनी लगातार प्रदेश को विकास के रास्ते पर ले जाने के काम में लगे हुए है। इसके चलते उन्होंने कईं महत्वपूर्ण फैसले भी लिए हैं।

…और स्मार्ट हो गया हरियाणा

हरियाणा में सबसे अधिक भ्रष्टाचार के आरोप तहसील विभाग पर लगते रहे हैं। ऐसे में नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में इस विभाग को भ्रष्टाचार मुक्त बनाने के लिए प्रदेश के स्थापना दिवस यानि आज से हरियाणा में रजिस्ट्री के कार्य को ऑनलाइन कर दिया गया।

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इसके साथ ही हरियाणा में भाजपा की 11 साल की सरकार के दौरान कईं अन्य एतिहासिक फैसले लिए गए, जिसके चलते आज हरियाणा देश की अर्थव्यवस्था को आगे ले जाने वाला देश का प्रमुख राज्य बन चुका हैं। इतना ही नहीं आज से ही हरियाणा में दीनदयाल उपाध्याय लाडो लक्ष्मी योजना के तहत प्रदेश की लाखों महिलाओं के खाते में 2100 रुपए महीना पहुंचाने के कार्य की भी शुरूआत की गई है।

देश का पहला राज्य बना हरियाणा

17 जून 1987 को लोकनायक चौधरी देवीलाल जी ने पहली बार बुजुर्गों के लिए 100 रुपए बुढ़ापा पेंशन शुरू की थी। 1987 से लेकर 2014 तक 27 साल के दौरान यह बढ़कर एक हजार रुपए ही हुई थी, लेकिन 2014 में जब से हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनी, तब से लेकर अब तक के भाजपा के 11 साल के शासन में यह राशि दोगुना से अधिक हो चुकी है। मौजूदा नायब सिंह सैनी के नेतृत्व वाली सरकार ने हरियाणा के स्थापना दिवस से बुढ़ापा पेंशन की राशि को 3200 रुपए महीना करने की घोषणा की हुई है।

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यानि अपने अब तक के 11 साल के कार्यकाल में भाजपा इस पेंशन राशि में 2200 रुपए की बढ़ोतरी कर चुकी है। बता दें कि हरियाणा इस समय देश का पहला ऐसा राज्य है, जो अपने प्रदेश के बुजुर्गों को सम्मान भत्ते के रूप में सबसे अधिक राशि दे रहा है। इतना ही नहीं कृषि प्रधान राज्य होने के कारण भारतीय जनता पार्टी की नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार जहां हरियाणा के साथ पूरे देश के किसानों के हित में लगातार नए फैसलें ले रही है। वहीं, उनके नेतृत्व में ही हरियाणा के मौजूदा मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने भी किसान हित में एतिहासिक फैसला लेते हुए प्रदेश के गन्ना किसानों की आय बढ़ाने का कार्य किया।

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इसके लिए नायब सिंह सैनी ने दीपावली से एक दिन पूर्व अगेती किस्म के गन्ने के रेट को 400 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 415 रुपए और पछेती किस्म के गन्ने का रेट 393 रुपए प्रति क्विंटल से बढ़ाकर 408 रुपए प्रति क्विंटल करने का कार्य किया। सीएम सैनी के इस फैसले के बाद हरियाणा किसानों को सबसे अधिक गन्ने का दाम देने वाला राज्य बन गया। इतना ही नहीं हरियाणा की भाजपा सरकार की ओर से किसानों की मेहनत और समर्पण को सम्मान देने के लिए प्रदेश में होने वाली सभी 24 फसलों को भी एमएसपी पर खरीदने का कार्य़ किया जाता है। ऐसा करने वाला भी हरियाणा देश का पहला राज्य है।

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हरियाणा की मौजूदा भाजपा सरकार के 11 साल के कार्यकाल किए गए इस प्रकार के कार्यों की लिस्ट बहुत लंबी है। यदि हर कार्य को गिनवाया जाए तो एक साल का अर्सा भी कम लग सकता है। इसलिए जनहित में हरियाणा की भाजपा सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों को जानने और देखने के लिए प्रदेश सरकार की वेबसाइट पर भी जा सकते हैं। फिलहाल हमारी ओर से संपूर्ण हरियाणा वासियों को प्रदेश की 59वीं वर्षगांठ की बहुत-बहुत शुभकामनाएं।

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