Haryana Government’s decision : हरियाणा में मुख्यमंत्री की ओर से प्रदेश के अलग-अलग बोर्ड, निगम और प्राधिकरणों में कार्यरत कच्चे कर्मचारियों की नौकरी को सुरक्षित करने के लिए की गई घोषणा को लेकर अब मुख्य सचिव ने अधिसूचना जारी कर दी है। मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, किसी भी अनुबंधित कर्मचारी को ‘सुरक्षित कर्मचारी’ का दर्जा प्राप्त करने के लिए 15 अगस्त, 2024 तक कम से कम पांच वर्ष की सेवा पूरी करनी होगी, जिसमें से प्रत्येक वर्ष में उसने न्यूनतम 240 कार्य दिवसों का वेतन प्राप्त किया हो। यदि कोई कर्मचारी एक ही वर्ष में उच्च और निम्न, दोनों पदों पर कार्यरत रहा है, तो भी सेवा गणना की जाएगी, बशर्ते कि उसने 240 दिन का वेतन प्राप्त किया हो।
विशेष रूप से, जो कर्मचारी पहले नियमित पदों पर नियुक्त हुए थे लेकिन हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग द्वारा मेरिट सूची रद्द करने या संशोधित करने के कारण उनकी सेवाएं समाप्त कर दी गई थीं, नियमित और अनुबंधित सेवा के बीच ब्रेक अवधि को छोड़कर, उनकी नियमित आधार पर पूर्व सेवा को भी 5 वर्ष की पात्रता में शामिल किया जाएगा। साथ ही, विभिन्न विभागों या राज्य सरकार के नियंत्रण वाले निकायों में की गई सेवा को एकीकृत रूप से जोड़ा जाएगा।
मिल सकती है छूट
यदि किसी व्यक्ति ने किसी ऐसे व्यक्ति से विवाह किया है, जिसका जीवनसाथी जीवित है या जिसने जीवित जीवनसाथी के होते हुए भी किसी व्यक्ति से विवाह किया है, तो वह अधिनियम के अंतर्गत सेवा सुरक्षा के लाभ के लिए पात्र नहीं होगा। हालांकि, यदि सरकार संतुष्ट हो किऐसे व्यक्ति और विवाह के दूसरे पक्ष पर लागू व्यक्तिगत कानून के अंतर्गत ऐसे विवाह की अनुमति है और ऐसा करने के अन्य आधार भी हैं, तो वह किसी भी व्यक्ति को इस नियम के प्रभाव से छूट दे सकती है।
बढ़ेगा वेतन
सुरक्षित कर्मचारियों को कार्यात्मक वेतन स्तर में वर्ष में एक बार वार्षिक वेतन वृद्धि मिलेगी। वेतन वृद्धि की तिथि हर साल पहली जनवरी या पहली जुलाई होगी, बशर्ते कर्मचारी ने उस तिथि से पहले न्यूनतम छह माह से अधिक की अर्हक सेवा पूरी कर ली हो। पहली वेतन वृद्धि पात्रता पूरी करने पर 1 जुलाई, 2025 को देय होगी। इन कर्मचारियों को 1 जनवरी, 2025 से नियमित कर्मचारियों के बराबर महंगाई भत्ता भी देय होगा। इन कर्मचारियों को पूर्व की भांति आकस्मिक अवकाश और चिकित्सा अवकाश मिलते रहेंगे। महिला सुरक्षित कर्मचारियों को हर महीने दो और वर्ष में अधिकतम 22 दिन तक आकस्मिक अवकाश मिलेंगे, जबकि पहले उन्हें केवल 10 आकस्मिक अवकाश मिलते थे।
सर्विस बुक भी होगी तैयार
इसके अलावा, संबंधित विभाग द्वारा प्रत्येक सुरक्षित कर्मचारी की सर्विस बुक भी तैयार की जाएगी। जब तक अलग से नियम नहीं बनाए जाते, तब तक सुरक्षित कर्मचारी हरियाणा सिविल सेवा (सरकारी कर्मचारी आचरण) नियम, 2016 और हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियम, 2016 के द्वारा शासित होंगे। हालांकि, सरकार को किसी विशेष श्रेणी या वर्ग के लिए, उपयुक्त कारण बताते हुए नियमों में शिथिलता प्रदान करने का अधिकार भी होगा।




