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अमरनाथ यात्रा की शुरूआत के साथ एनकाउंटर शुरू, सेना ने जैश के आतंकियों को घेरा

जम्मू : कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रा की शुरुआत के साथ ही बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं का पहला जत्था रवाना हो चुका है। यात्रा की शुरूआत के साथ ही जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एनकाउंटर जारी है। मुठभेड़ का आज (3 जुलाई) दूसरा दिन है। खबर है कि सुरक्षाबलों ने तीन से चार दहशतगर्दों को घेर लिया है। आतंकी जैश-ए-मोहम्मद संगठन से जुड़े बताए जा रहे है।

इससे पहले 26 जून को ही एक एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने जैश  के एक आतंकी को ढेर कर दिया था। यह मुठभेड़ उधमपुर में हुई थी। सुरक्षाबल पिछले एक साल से इस आतंकी की तलाश में थे, जो आखिरकार मारा गया।

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मिली थी आतंकियों के छिपे होने की सूचना

जानकारी के अनुसार ताजा मुठभेड़ किश्तवाड़ के चतुरु इलाके में चल रही है। सुरक्षाबलों को खुफिया जानकारी मिली थी कि यहां घने जंगलों में कुछ आतंकी छिपे हुए हैं। इसके बाद आतंकियों की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चलाया गया। सुरक्षाबलों के करीब पहुंचते ही आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी,जिसके बाद जवाबी कार्रवाई की और मुठभेड़ शुरू हो गई। फिलहाल सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके को घेर लिया है। ये ऑपरेशन अब भी जारी है। जानकारी मिली है कि इस मुठभेड़ में एक आतंकवादी घायल हो गया है।

दूसरे दिन भी जारी है अभियान

जम्मू स्थित व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने मुठभेड़ की जानकारी देते हुए एक्स पर लिखा, “विशिष्ट खुफिया जानकारी के आधार पर किश्तवाड़ के कंजल मांडू में एक संयुक्त तलाशी अभियान चलाया गया। आतंकवादियों से संपर्क स्थापित हो गया है और अभियान जारी है।” वहीं, घटनास्थल पर अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि ये ऑपरेशन तब तक जारी रहेगा, जब तक आतंकियों का खात्मा नहीं हो जाता। इससे पहले, इस वर्ष अप्रैल और मई में चटरू क्षेत्र में दो अलग-अलग मुठभेड़ों में तीन आतंकवादी मारे गए थे और एक सैनिक शहीद हो गया था। नवीनतम मुठभेड़ उधमपुर जिले के बसंतगढ़ के सुदूर बिहाली इलाके में सुरक्षा बलों द्वारा मुठभेड़ में जैश-ए-मोहम्मद के एक आतंकवादी के मारे जाने के सप्ताह भर बाद हुई है।

अमरनाथ यात्रा के चलते सुरक्षा कड़ी

पहलगाम आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रा शुरू हो चुकी है। 2 जुलाई को उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू से अमरनाथ यात्रा के लिए पहला जत्था रवाना किया था। यात्रा के मद्देनजर जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। एजेंसियां हाई अलर्ट पर है। चप्पे-चप्पे पर जवानों की तैनाती की गई है। वहीं, सुरक्षा में 80 हजार जवान मुस्तैद हैं।

हाई अलर्ट पर इलाका

अमरनाथ यात्रा के चलते पहले अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे क्षेत्रों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। तीन जुलाई से 38 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा दो मार्गों से होकर गुजरती है, जिनमें से एक अनंतनाग जिले में पारंपरिक 48 किलोमीटर लंबा पहलगाम मार्ग है, वहीं दूसरा गांदरबल जिले का 14 किलोमीटर लंबा बालटाल मार्ग, जो छोटा लेकिन खड़ी चढ़ाई वाला रास्ता है। ये दोनों रास्ते 3,880 मीटर ऊंचे अमरनाथ गुफा मंदिर तक जाते है। बुलेटप्रूफ जैकेट और हेलमेट पहने दुनिया के सबसे बड़े सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की महिला सैनिक सीमा पर गश्त लगाती हैं, निगरानी उपकरणों के साथ सीमा रेखा की निगरानी करती हैं और जम्मू, सांबा व कठुआ जिलों में एक उन्नत बहु-स्तरीय सुरक्षा ग्रिड के हिस्से के रूप में अपने पुरुष समकक्षों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर दिन-रात अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा करती हैं।

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